जीएम की औचक दबिश में दो कोयला चोर सहित चार बाइक जब्त, पुलिस को सौंपा
जीएम की औचक दबिश में दो कोयला चोर सहित चार बाइक जब्त, पुलिस को सौंपा
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सूरजपुर,13 मार्च। एसईसीएल बिश्रामपुर के आमगांव, अमेरा, गायत्री खदान से संगठित रूप से रोजाना हो रही सैकड़ों टन कोयला चोरी का मामला थमता नहीं दिख रहा है।
गुरुवार को बड़े सबेरे क्षेत्रीय महाप्रबंधक डॉ. संजय सिंह खदानों में हो रही कोयला चोरी की स्थिति देखने त्रिपुरा बटालियन के जवानों को साथ लेकर आमगांव खदान पहुंच गए। यहां अचानक हथियार बंद जवानों को देख कोयला चोर मौके पर कोयले से भरी बोरियों और दोपहिया वाहन को मौके पर छोड़ भाग निकले।
इस दौरान सुरक्षा टीम ने कोयला चोरी कर रहे एक युवक को पकड़ लिया, साथ ही कोयला चोरों की चार बाइक और पकड़े गए युवक को रामानुजनगर पुलिस को सौंप दिया है।
महाप्रबंधक इसके बाद गायत्री खदान पहुंचे। यहां भी कोयला चोरों का जमघट लगा था, लेकिन जवानों को देख कई कोयला चोर मौके से भाग निकले। इस दौरान एक कोयला चोर को जवानों ने धर दबोचा और उसके दोनों हाथों को पीछे बांध कर उसे कोतवाली पुलिस को सौंप दिया है।
आमगांव खदान में कोयला चोरी करते पकड़े गए युवक का नाम मनवारपारा सालही निवासी दुर्गेश बताया गया है ।
बताया जाता है कि पिछले दिनों प्रबंधन ने कोयला चोरों और बड़ी संख्या में कोयला चोरों की बाइक को रामानुजनगर पुलिस को कार्रवाई के लिए सौंपा गया था, लेकिन उन पर किसी प्रकार की कार्रवाई न कर पुलिस ने कोयला चोरों और उनकी दोपहिया वाहनों को थाने से छोड़ दिया था।
प्रबंधन की माने तो कोयला चोरों को पकड़ कर खदान का सुरक्षा अमला थाने में कार्रवाई के लिए देती है तो चोरों को छुड़ाने स्थानीय नेता सक्रिय हो जाते हंै और पुलिस पर दबाव बनवा कोयला चोरों को छुड़वा लेते हैं। इन्हीं सब वजहों से कोयला चोरों के हौसले बुलंद हंै और वे प्रबंधन के तमाम सख्ती के बाबजूद कोयला चोरी का कार्य डंके की चोट पर कर रहे हैं।
अनुमान के मुताबिक क्षेत्र के अलग-अलग खदानों से रोजाना डेढ़ से दो सौ टन कोयला चोरी हो रही है, जिससे प्रबंधन को तो राजस्व का नुकसान हो ही रहा है, राज्य शासन की रॉयल्टी का बड़ा हिस्सा चोरों का निवाला बन रहा है।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सूरजपुर,13 मार्च। एसईसीएल बिश्रामपुर के आमगांव, अमेरा, गायत्री खदान से संगठित रूप से रोजाना हो रही सैकड़ों टन कोयला चोरी का मामला थमता नहीं दिख रहा है।
गुरुवार को बड़े सबेरे क्षेत्रीय महाप्रबंधक डॉ. संजय सिंह खदानों में हो रही कोयला चोरी की स्थिति देखने त्रिपुरा बटालियन के जवानों को साथ लेकर आमगांव खदान पहुंच गए। यहां अचानक हथियार बंद जवानों को देख कोयला चोर मौके पर कोयले से भरी बोरियों और दोपहिया वाहन को मौके पर छोड़ भाग निकले।
इस दौरान सुरक्षा टीम ने कोयला चोरी कर रहे एक युवक को पकड़ लिया, साथ ही कोयला चोरों की चार बाइक और पकड़े गए युवक को रामानुजनगर पुलिस को सौंप दिया है।
महाप्रबंधक इसके बाद गायत्री खदान पहुंचे। यहां भी कोयला चोरों का जमघट लगा था, लेकिन जवानों को देख कई कोयला चोर मौके से भाग निकले। इस दौरान एक कोयला चोर को जवानों ने धर दबोचा और उसके दोनों हाथों को पीछे बांध कर उसे कोतवाली पुलिस को सौंप दिया है।
आमगांव खदान में कोयला चोरी करते पकड़े गए युवक का नाम मनवारपारा सालही निवासी दुर्गेश बताया गया है ।
बताया जाता है कि पिछले दिनों प्रबंधन ने कोयला चोरों और बड़ी संख्या में कोयला चोरों की बाइक को रामानुजनगर पुलिस को कार्रवाई के लिए सौंपा गया था, लेकिन उन पर किसी प्रकार की कार्रवाई न कर पुलिस ने कोयला चोरों और उनकी दोपहिया वाहनों को थाने से छोड़ दिया था।
प्रबंधन की माने तो कोयला चोरों को पकड़ कर खदान का सुरक्षा अमला थाने में कार्रवाई के लिए देती है तो चोरों को छुड़ाने स्थानीय नेता सक्रिय हो जाते हंै और पुलिस पर दबाव बनवा कोयला चोरों को छुड़वा लेते हैं। इन्हीं सब वजहों से कोयला चोरों के हौसले बुलंद हंै और वे प्रबंधन के तमाम सख्ती के बाबजूद कोयला चोरी का कार्य डंके की चोट पर कर रहे हैं।
अनुमान के मुताबिक क्षेत्र के अलग-अलग खदानों से रोजाना डेढ़ से दो सौ टन कोयला चोरी हो रही है, जिससे प्रबंधन को तो राजस्व का नुकसान हो ही रहा है, राज्य शासन की रॉयल्टी का बड़ा हिस्सा चोरों का निवाला बन रहा है।