रायगढ़, गणेश की खोज पूरी, दो कुमकी हाथी के सहारे अब बचाव की तैयारी

 रायगढ़, 21 मई। पूरे प्रदेश भर में दहशत का पर्याय बन चुका गणेश हाथी का पिछले दिनों कॉलर आईडी निकल गया था। कोरबा वन मंडल के कुदमुरा रेंज में उसका कॉलर आईडी दो दिनों से एक ही स्थान पर गिरा हुआ था। इसके बाद विभाग के अधिकारियों को शंका हुई तो मौके पर अधिनस्थ कर्मचारियों को जाकर पड़ताल करने की बात कही गई। तब यहां गणेश तो नहीं मिला, पर उसके गले में लगा कॉलर आईडी गिरा मिला। तब से गणेश हाथी विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया था। इसके लिए एक बैठक भी कोराब वन मंडल में पिछले दिनों हुई और फिर से उसे कॉलर आईडी पहनने का निर्णय लिया गया। इसके बाद से गणेश हाथी की तालाश की जा रही थी। जहां गणेश हाथी की जानकारी देने वालों को पुरस्कृत करने की भी बात विभाग के द्वारा की गई थी और गांव गांव में ग्रामीणों को सावधान करते हुए विभाग के सभी कर्मचारी पूरी सक्रियता के साथ गणेश की तालाश कर रहे थे। जहां कल इस बात की जानकारी हुई कि गणेश हाथी छाल रेंज में है और जंगल के भीतर संभवत: कक्ष क्रमांक 562 में है। इसके बाद उसकी खोजबीन की गई। जहां इस बात की पुष्टि होने लगी कि गणेश हाथी यहीं है। इसके बाद रायपुर, धरमजयगढ़, कोरबा, सरगुजा सहित अन्य जिलों के एक्सपर्ट गणेश हाथी के लिए पहुंचने लगे। जहां आज गणेश हाथी को फिर से कॉलर आईडी पहनने के लिए पकडऩे का प्रयास किया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दो कुमकी हाथी की मदद इसके लिए ली जा रही है और जंगल के भीतर से गणेश को ऐसे स्थान पर खदेडऩे की कोशिश की जा रही है। जहां उसे बेहोश कर कॉलर आईडी पहनाया जा सके। उक्त पंक्ति के लिखे जाने तक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में गणेश तेंदुमुड़ी जंगल के कक्ष क्रमांक 555 में है और दो कुमकी हाथी व रेस्क्यू टीम भी जंगल में है। फिलहाल कब तक उसका रेस्क्यू किया जाएगा यह कहना मुश्किल है, विभाग के एक्सपर्ट व वन अमला की पूरी टीम उसे फिर से कॉलर आईडी पहनने के लिए लगे हुए हैं। 

भीड़ को देख जंगल में भाग रहा 
छाल रेंजर राजेश चौहान ने बताया कि बीते देर शाम गणेश हाथी का पता चला था। इसके बाद से उस पर नजर रखी जा रही थी, पर गणेश के प्वाईंट पर जब लोग पहुंचते तो वह भीड़ देख कर जंगल के भीतर भाग जा रहा है। आज गणेश हाथी को लेकर प्रदेश के अन्य जिले से एक्स्पर्ट व रेक्स्यू के लिए टीम आ चुकी है और रेक्स्यू के लिए प्रयास किया जा रहा है। कल गणेश का कक्ष क्रमांक 562 में होने की पुष्टि हुई जहां आज वह सिथरा तेंदुमुड़ी तरफ आ गया। प्रियंका पांडे, डीएफओ, धरमजयगढ़ वन मंडल  ने बताया कि गणेश हाथी का छाल रेंज में होने की पुष्टि हो गई है। उसका रेस्क्यू कर उसे फिर से कॉलर आईडी पहनाया जाएगा। 
बीएस सरोटे, एसडीओ, धरमजयगढ़ वन मंडल का कहना है कि गणेश हाथी अभी कक्ष क्रमांक 555 में होना बताया जा रहा है। दो कुमकी हाथी की मदद से उसे खुले स्थान पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि उसे बेहोश कर कॉलर आईडी पहनाया जा सके। रायपुर, सरगुजा, धरमजयगढ़, कोरबा से एक्सपर्ट इस रेस्क्यू में शामिल हैं। 

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